सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: NEET प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने की मंजूरी, 5 सितंबर का मार्च भी रद्द

 


NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। केंद्र और चार राज्यों की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा कि वह जुलाई में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दिल्ली में दर्ज 13 FIR वापस लेने की मांग की गई थी। हालांकि, गंभीर और जघन्य अपराधों में पहले से आरोपी लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। दिल्ली पुलिस ने 2,873 ऐसे लोगों के संबंध में अलग कार्रवाई की अनुमति भी मांगी है, जिनके बारे में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि होने का दावा किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मामलों को बंद करने का आग्रह किया। इसके साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और असम ने भी अपने-अपने राज्यों में दर्ज प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने के लिए आवेदन किया। 

इस घटनाक्रम के बाद कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी दी।

सरकार ने यह भी कहा कि NEET विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया के लिए तीन महीने के भीतर तौर-तरीके तय किए जाएंगे।

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