दमोह में कलेक्टर की बैठक के दौरान पूर्व मंत्री और विधायक जयंत मलैया ने भ्रष्टाचार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक का पैसा नेता और अधिकारी खा रहे हैं। मलैया की इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह से भाजपा विधायक और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया का भ्रष्टाचार को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। एक बैठक के दौरान मलैया ने सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर खुलकर नाराजगी जताई और कहा कि गरीबों के हक का पैसा नेता, अधिकारी-कर्मचारी खा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह बैठक दमोह नगरपालिका से जुड़े कामकाज, शिकायतों और कथित अनियमितताओं को लेकर हुई थी। बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, नगरपालिका के पदाधिकारी और अधिकारी भी मौजूद थे। इसी दौरान मलैया ने व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
“बिना पैसे दिए जनता का काम नहीं होता”
मलैया ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि आम लोगों को अपना काम कराने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। उन्होंने गरीबों के लिए चल रही योजनाओं और उनके हक की राशि में गड़बड़ी को लेकर चिंता जताई। उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया है।
नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर हुई समीक्षा
दरअसल, दमोह नगरपालिका की कार्यप्रणाली और उससे जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बैठक हुई थी। इसमें स्वच्छता, पेयजल, कचरा प्रबंधन और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों से अलग-अलग मामलों की जानकारी भी ली गई और विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
बयान से सियासी हलचल
खास बात यह है कि मलैया खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं। ऐसे में अपनी ही सरकार के सिस्टम में भ्रष्टाचार को लेकर उनका इस तरह खुलकर बोलना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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