इंदौर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 शुरू हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ करते हुए प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य 2030 तक करीब 15 हजार यात्री बसों के जरिए परिवहन सेवाओं का विस्तार करना है। इसमें निजी बस ऑपरेटरों को भी जोड़ा जाएगा।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 शुरू हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ किया। सरकार का फोकस मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित, तकनीक आधारित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 20 साल बाद परिवहन सेवा के क्षेत्र में नया मॉडल लाया जा रहा है। इसके तहत निजी बस ऑपरेटरों को भी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा और उन्हें नई तकनीक का लाभ दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2030 तक करीब 15 हजार यात्री बसों के जरिए प्रदेश में परिवहन सेवाओं का विस्तार करना है।
75% ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने की तैयारीसरकार की योजना प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने की भी है। इससे गांवों से शहरों तक आवागमन आसान बनाने पर जोर रहेगा। योजना में निजी ऑपरेटरों की भागीदारी के लिए PPP मॉडल पर भी काम किया जा रहा है।स्मार्ट तकनीक और इलेक्ट्रिक बसों पर जोरसमिट में स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, AI, डिजिटल टिकटिंग, आधुनिक निगरानी व्यवस्था, ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी चर्चा हो रही है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ बस सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में बड़ा सड़क नेटवर्क है और धार्मिक पर्यटन में भी तेजी आई है। उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जरूरी होगी।समिट में देशभर से परिवहन विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दो दिनों में आठ सत्रों के जरिए सार्वजनिक परिवहन के भविष्य, निवेश, तकनीक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था पर मंथन किया जाएगा।

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