इंदौर। एआई तकनीक का उपयोग फर्जीवाड़े में ज्यादा होने लगा है। पहली बार ऐसा एक मामला सामने आया है जिसमें एक छात्रा ने एआई के माध्यम से अपनी सप्लीमेंट्री की मार्कशीट को पास की मार्कशीट बताकर दूसरे साल की परीक्षा का फॉर्म भी भर दिया गया और कॉलेज ने भी बिना जांच यह फॉर्म आगे फॉरवर्ड कर दिया। अब जब गलती पकड़ में आई है तो कॉलेज और छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा नोटिस दिए जाने की तैयारी की गई है।
मामला इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से संबंधित धार के एक सरकारी कॉलेज का है, जहां एक छात्रा ने बीए में सप्लीमेंट्री आने पर एआई की मदद से अपनी मार्कशीट को पास की मार्कशीट में बदल दिया था।
इसी को आधार बनाकर उसने सेकंड ईयर की परीक्षा भी दे दी। जब यूनिवर्सिटी ने फर्जीवाड़ा पकड़कर रिजल्ट रोका तो छात्र ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर दी। हालांकि बाद में छात्रा ने शिकायत वापस भी ले ली है। इस मामले में परीक्षा विभाग के अस्सिटेंट रजिस्ट्रार डॉक्टर विष्णु मिश्रा ने कहा है कि इंटरनेट पर जारी मार्कशीट में छात्र ने छेड़छाड़ की थी, इसलिए कॉलेज को भी नोटिस दिया जा रहा है और छात्र पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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