इंदौर। राष्ट्रीय पर्व और सनातन संस्कृति की अलख जगाने के उद्देश्य से इंदौर में इस वर्ष भी भगवान गणेश को समर्पित 40 इंच की भव्य सनातन राखी तैयार की गई है। आयोजकों के अनुसार यह राखी केवल रक्षाबंधन का प्रतीक नहीं, बल्कि देश के समसामयिक विषयों, राष्ट्रीय गौरव और धार्मिक पुनर्जागरण का जीवंत संदेश भी देती है।
पुंडरीक पलरेजा ने बताया कि इस वर्ष राखी के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। राखी को भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा तथा सनातन संस्कृति के विभिन्न प्रतीकों से सजाया गया है।
राखी में भगवान गणेश, भगवान जगन्नाथ, बाबा महाकाल, मां महाकाली और मां महालक्ष्मी जैसे धार्मिक प्रतीकों को स्थान दिया गया है। आयोजकों के मुताबिक इन प्रतीकों के माध्यम से सुख-समृद्धि, शक्ति, जागृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय चेतना का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
इस भव्य राखी को तैयार करने में देश के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक कला और शिल्प का भी उपयोग किया गया है। इसमें कोलकाता, जयपुर, मुंबई और सूरत से विशेष सामग्री मंगाई गई है। राखी में महीन सिलाई-सितारा, नगा-नगाने, मोती और जरदोजी जैसे पारंपरिक हस्तशिल्प का काम किया गया है।
आयोजकों का कहना है कि यह पहल सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। 40 इंच की यह भव्य राखी रक्षाबंधन पर्व को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय गौरव, सांस्कृतिक विविधता और सनातन परंपरा से जोड़ने का प्रयास है।
आयोजन में यह संदेश भी दिया गया कि भारतीय संस्कृति की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और पारंपरिक कला, धार्मिक आस्था तथा राष्ट्रीय चेतना को साथ लेकर नई पीढ़ी तक सनातन विरासत पहुंचाना समय की आवश्यकता है।



0 Comments