सयाजी के बाद शहर के सबसे बड़े स्कूल भवंस में भी मिली खामी

इंदौर। कल शहर की फाइव स्टार होटल कहलाने वाली सयाजी होटल में खानपान में मिली गड़बड़ी के बाद वहां का किचन सील कर दिया है। वहीं आज खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के सबसे बड़े नामी द भवन प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल, खसरा नंबर 71, ग्राम पिपलिया कुमार, तुलसी नगर, बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 5 नमूने जांच हेतु लिए गए, जिनमें टोमैटो कैचअप, विनेगर, रेड चिली सॉस, पाव एवं भाजी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कुछ कमियां भी पाई गईं। मौके पर चॉपिंग बोर्ड खराब स्थिति में पाया गया। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं पाई गई। इसके अतिरिक्त कुछ बर्तनों में जंग लगी हुई पाई गई तथा पिसाई मशीन के पास ही कुछ बर्तन साफ किए जाते हुए पाए गए, जिससे खाद्य स्वच्छता की दृष्टि से उचित व्यवस्था नहीं होने की स्थिति सामने आई। अधिकारियों द्वारा सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट एवं निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इतने बड़े स्कूल में भारी भरकम फीस वसूली के बाद भी बच्चों को अमानक स्तर पर खाना बनाकर परोसा जा रहा था। 

इसके साथ ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में प्रशासनिक अमले के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, इंदौर की टीम द्वारा शहर स्थित सिग्नेचर बुटीक होटल का औचक निरीक्षण किया गया। संयुक्त कार्रवाई में तहसीलदार अजय अहिरवार, तहसीलदार सहदेव मौर्य, खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सोनी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज श्रीवास्तव शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान होटल के किचन में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कई कमियां पाई गईं। किचन की फर्श टूटी हुई पाई गई, जिससे खाद्य स्वच्छता की दृष्टि से संक्रमण की संभावना बनी हुई थी। खाद्य पदार्थों के भंडारण की भी उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। उपलब्ध खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि एवं एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं पाई गई। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। कर्मचारियों द्वारा कार्य के दौरान हेड कैप एवं एप्रन जैसे आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग भी नहीं किया जा रहा था। मौके पर पेस्ट कंट्रोल का वैध प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। निरीक्षण के दौरान सोयाबीन तेल, पनीर एवं मैदा के कुल 3 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठान को पाई गई कमियों के संबंध में नोटिस जारी कर 7 दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जवाब एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।


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