दिल्ली SIR में बड़ा अपडेट: 47.7 लाख वोटरों के फॉर्म ‘अनकलेक्टेबल’, 24 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

 


नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी हो गई है। राजधानी के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 97.4 लाख के फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं, जबकि करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में रखे गए हैं।

इन 47.7 लाख मतदाताओं को Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Others (ASDDO) श्रेणियों में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनका वोटिंग अधिकार स्थायी रूप से खत्म हो गया है। उन्हें दावा-आपत्ति के जरिए अपना नाम दोबारा शामिल कराने का अवसर मिलेगा।

24 अगस्त से शुरू होगा दावा-आपत्ति का दौर

SIR के अगले चरण में मतदाता ड्राफ्ट सूची में अपना नाम चेक कर सकेंगे। नाम नहीं होने या किसी जानकारी में गलती होने पर 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल की जा सकेगी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

33 लाख से ज्यादा मतदाताओं की अतिरिक्त जांच

जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा हो चुके हैं, उनमें भी करीब 34 प्रतिशत यानी 33 लाख से अधिक मतदाताओं का अतिरिक्त सत्यापन किया जाएगा। इनमें करीब 13 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनका पिछली SIR मतदाता सूची से खुद या रिश्तेदार का लिंक स्थापित नहीं हो सका। इसके अलावा 19 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड में अधिकारियों ने अलग-अलग तरह की ‘अनॉमली’ चिन्हित की है।

निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने पते से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। राजधानी की बड़ी प्रवासी आबादी भी ASDDO श्रेणी में मतदाताओं की संख्या बढ़ने की एक वजह मानी जा रही है।

यानी 47.7 लाख नामों को अभी अंतिम रूप से मतदाता सूची से बाहर नहीं माना जाएगा। 24 अगस्त के बाद दावा-आपत्ति के जरिए पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का मौका मिलेगा।

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