भोपाल। साइबर ठग अब सिर्फ बैंक ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि बैंक की प्रक्रिया को भी निशाना बना रहे हैं। भोपाल के पिपलानी इलाके में एक ठग ने खुद को निजी कंपनी का अधिकारी बताकर बैंक से 15.65 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने बैंक शाखा में फोन कर पहले कंपनी के फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों की जानकारी ली। कुछ देर बाद उसने दोबारा फोन कर खुद को कंपनी डायरेक्टर का प्रतिनिधि बताया और कहा कि कंपनी को मेडिकल इमरजेंसी के लिए तत्काल भुगतान करना है।
आरोपी ने बैंक अधिकारी से कहा कि चेकबुक उपलब्ध नहीं है और इंटरनेट बैंकिंग में नया लाभार्थी जोड़ने में समय लगेगा। इसके बाद उसने ई-मेल के जरिए कथित डायरेक्टर का फर्जी अथॉराइजेशन लेटर और हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भेज दिए।
बैंक ने दस्तावेजों में मौजूद हस्ताक्षर का रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद पहले 7.55 लाख रुपये एक राष्ट्रीयकृत बैंक के खाते में RTGS किए। इसके बाद दूसरे ई-मेल के आधार पर 8.10 लाख रुपये एक निजी बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 15.65 लाख रुपये ठगों के खाते में पहुंच गए।
ठगी का खुलासा तब हुआ, जब शाम करीब पौने आठ बजे कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बैंक से संपर्क किया। इसके बाद बैंक ने संबंधित विभागों को सूचना देकर लाभार्थी खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की।
पिपलानी पुलिस ने अज्ञात आरोपी और लाभार्थी खातों से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर फोन नंबर, ई-मेल, बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की पूरी कड़ी की जांच शुरू कर दी है।

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