इंदौर। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच रिपोर्ट को लेकर सरकार और नगर निगम पर सवाल उठाए। सिंघार ने कहा कि हादसे के बाद भी जिम्मेदारी तय करने में सरकार पीछे हट रही है।
सिंघार ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से सवाल किया कि संबंधित फाइल 66 दिन तक उनके स्तर पर क्यों रुकी रही? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि फाइल रोकने की वजह क्या थी और क्या इसमें किसी तरह का लेन-देन हुआ था। हालांकि, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में महापौर के स्तर पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा मामले में पाइपलाइन बदलने और टेंडर प्रक्रिया में लंबी देरी सामने आई है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक एक परियोजना में टेंडर से काम पूरा होने तक 859 दिन लगे।
सिंघार ने मुख्यमंत्री से जांच रिपोर्ट पर सरकार का स्पष्ट रुख बताने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस आगे आंदोलन करेगी।

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