गांधी जयंती पर भोपाल में दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने अहिंसा और गांधीवादी विचारधारा की रक्षा की बात कही। अपने संबोधन में नाथूराम गोडसे का जिक्र करते हुए उनकी जुबान फिसल गई, जिसके बाद उनका बयान चर्चा में आ गया।
भोपाल। गांधी जयंती के मौके पर भोपाल में कांग्रेस की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने गांधीवादी विचारधारा, अहिंसा और संविधान की रक्षा की बात कही।
अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश को हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए और ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ना चाहिए जो गांधी के विचारों के खिलाफ हैं। इसी दौरान उनका एक बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा, “हमें सदैव अहिंसा के मार्ग पर चलकर ऐसी ताकतों से लड़ना है जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।”
दिग्विजय सिंह का आशय उन ताकतों से था जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी, लेकिन बोलते समय उन्होंने गांधी की जगह नाथूराम गोडसे का नाम ले लिया। इसी वजह से उनका बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गांधी के सत्य, अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद किया। वहीं जीतू पटवारी ने भी गांधी जयंती के मौके पर गांधी के विचारों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
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