उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को स्थानांतरित करने की कार्रवाई चल रही है। मंदिर का अधिकांश हिस्सा हटाया जा चुका है, लेकिन मुख्य हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने में प्रशासन को परेशानी आ रही है।
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी सड़क की जद में करीब 160-170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर भी आ रहा है। मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया के दौरान प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
नगर निगम की टीम ने हनुमान जी की प्रतिमा को मूल स्थान से हटाकर टंकी चौक के पास स्थापित करने के लिए चार बार प्रयास किए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है।
जमीन के अंदर लॉक होने की संभावना
पुरातत्व विभाग से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिमा के जमीन के अंदर पत्थरों से लॉक होने की संभावना जताई है। अब प्रतिमा और उसके नीचे की संरचना की भू-स्कैनिंग कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिमा किस तरह स्थापित है और उसे बिना नुकसान पहुंचाए कैसे हटाया जा सकता है।
श्रद्धालुओं की आस्था भी जुड़ी
मंदिर को हटाने की कार्रवाई का स्थानीय श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों ने विरोध भी किया था। इससे पहले विरोध के चलते प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रतिमा को नुकसान न पहुंचने की स्थिति में ही स्थानांतरण की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट के बाद ही प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने पर आगे फैसला होगा।

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