लॉ स्टूडेंट्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला — कोर्ट ने कहा कि बार काउंसिल को कानून के छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और राज्य बार काउंसिल को लॉ के छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार उनके संबंधित विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान के पास रहेगा।

यह फैसला हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद में आया। BCI ने अगस्त में NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वकील के रूप में नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। विवाद छात्रों द्वारा CJI की प्रस्तावित convocation में भागीदारी के विरोध से जुड़ा था। BCI ने बाद में अपने निर्देश वापस ले लिए थे।

CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि Advocates Act, 1961 BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर अनुशासनात्मक अधिकार नहीं देता। बार काउंसिल का अनुशासनात्मक अधिकार छात्र के अधिवक्ता के रूप में एनरोल होने के बाद लागू होता है।

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