15 अगस्त 2026 को देश ने अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा।
लाल किले से PM मोदी ने फहराया तिरंगा, विकसित भारत के संकल्प के साथ देश को दिया बड़ा संदेश
नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्र को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री का यह लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था। इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए देश की उपलब्धियों और आने वाले वर्षों के लक्ष्यों का जिक्र किया।
पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ की गूंज
इस साल का समारोह खास रहा। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। समारोह की प्रमुख थीम ‘150 Years of Vande Mataram’ और ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ रही।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने युवाओं को देश की विकास यात्रा का प्रमुख आधार बताते हुए बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया।
युवाओं के लिए बड़े ऐलान
प्रधानमंत्री ने युवाओं और तकनीक को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग और बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए देशव्यापी अभियान जैसे ऐलान शामिल हैं।
सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा पर जोर
पीएम मोदी ने भारत को तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने आने वाले वर्षों में देश में 7-8 सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की योजना और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य का उल्लेख किया।
‘सप्तधारा’ से विकसित भारत की दिशा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘सप्तधारा’ की रणनीति का भी जिक्र किया। इसके जरिए उन्होंने विकास के अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर एक साथ काम करने की बात कही। इसमें ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे।
बाढ़ और भूस्खलन प्रभावितों के प्रति संवेदना
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और उन्हें हरसंभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया।
इस दौरान लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में विशेष आमंत्रित अतिथि, विद्यार्थी और नागरिक समारोह में मौजूद रहे। इस वर्ष समारोह में ‘युवा शक्ति’ को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया।
कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश देश के स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करने के साथ-साथ 2047 तक विकसित भारत, युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति पर केंद्रित रहा।



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