प्रधानमंत्री ने लाल किले से कर दिए बड़े ऐलान

 


नई दिल्ली | 15 अगस्त 2026

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ युवाओं, शिक्षा, खेल, तकनीक, ऊर्जा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर कई बड़े ऐलान किए।


1. एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि आने वाले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य युवाओं को AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।


2. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

पीएम मोदी ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को बड़ी राहत देने वाला ऐलान किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि महंगी कोचिंग फीस उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।


3. 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

प्रधानमंत्री ने गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की खेल प्रतिभा खोजने के लिए राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की घोषणा की।

चयनित प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। इसका उद्देश्य 2036 ओलंपिक समेत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत को मजबूत 'मेडल पावरहाउस' बनाना है।


4. 7-8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट

भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने आने वाले समय में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। रिपोर्टों के मुताबिक, अगले 1-2 वर्षों में 7-8 नए उत्पादन प्लांट शुरू करने का लक्ष्य भी बताया गया है।


5. परमाणु ऊर्जा में बड़ा लक्ष्य

ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य बताया और अगले 6-7 वर्षों में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात कही। उनके भाषण की रिपोर्टिंग में 200 GW के व्यापक परमाणु ऊर्जा लक्ष्य का भी उल्लेख आया है; इसलिए इसे 2047 के 100 GW लक्ष्य और व्यापक 200 GW लक्ष्य—दोनों संदर्भों में समझना चाहिए।


6. 'मेड इन इंडिया 6G' पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत को 6G तकनीक में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने 'मेड इन इंडिया 6G' को बढ़ावा देने और 2030 तक 6G तकनीक के विकास में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की बात कही।


7. सिविल डिफेंस को आधुनिक बनाने का ऐलान

बदलती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सिविल डिफेंस व्यवस्था में सुधार और आधुनिकीकरण की घोषणा की। उन्होंने आधुनिक ट्रेनिंग और बेहतर क्षमताओं की जरूरत पर जोर दिया।


8. 'शक्ति की सप्तधारा' का विजन

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए 'शक्ति की सप्तधारा' का आह्वान किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

पीएम ने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में वह काम करने का लक्ष्य है जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका।


9. ग्लोबल इनोवेशन हब बनने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने भारत को सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने पर जोर दिया। उन्होंने रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए पहले से बनाए गए ₹1 लाख करोड़ के रिसर्च फंड का भी उल्लेख किया।


10. 2047 तक विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 2047 तक विकसित भारत बनाने को देश का बड़ा लक्ष्य बताया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, घरेलू उत्पादन और 'वोकल फॉर लोकल' को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


11. महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देश अब महत्वपूर्ण खनिजों यानी Critical Minerals के लिए भारत पर निर्भर हो रहे हैं। उन्होंने संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने की चुनौती के बीच आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया।


12. ऊर्जा सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल, डीजल, LPG, गैस और खाद जैसे जरूरी संसाधनों की उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक संकटों के दौर में ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को इसका महत्वपूर्ण आधार बताया।


13. लाल किले पर पहली बार गूंजा 'वंदे मातरम्'

इस स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिला। आजादी के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर 'वंदे मातरम्' का गायन हुआ। इस वर्ष 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने युवाओं की शक्ति को विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा आधार बताया और देश से बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने के लिए मजबूत संकल्प लेने का आह्वान किया।

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