गाजर घास से फसल और सेहत को खतरा... इंडेक्स में चला जागरूकता अभियान

 


इंदौर। किसानों और आमजन को पार्थेनियम यानी गाजर घास के दुष्प्रभावों और इसके प्रभावी नियंत्रण के प्रति जागरूक करने के लिए इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज में ‘पार्थेनियम जागरूकता सप्ताह’ आयोजित किया गया। सप्ताहभर शैक्षणिक, व्यावहारिक और क्षेत्र आधारित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

संस्थान के डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि पार्थेनियम के प्रभावी नियंत्रण के लिए किसानों, विद्यार्थियों और आमजन को जागरूक करना जरूरी है। विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम कुमार वर्मा ने पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस की पहचान, उत्पत्ति, प्रसार और फसलों व अन्य वनस्पतियों पर इसके हानिकारक प्रभावों की जानकारी दी।

डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि पार्थेनियम के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी एलर्जी, डर्मेटाइटिस, बुखार और अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने इसके नियंत्रण के लिए यांत्रिक, सांस्कृतिक और जैव-नियंत्रण विधियों को अपनाने पर जोर दिया।

अजय कुमार गौड़ ने बताया कि पार्थेनियम केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आवासीय क्षेत्रों, पार्कों, सड़कों के किनारे और रेलवे ट्रैक के आसपास भी तेजी से फैल सकता है। आयोजन का उद्देश्य सुरक्षित कृषि वातावरण और पार्थेनियम मुक्त परिसर के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

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