इंदौर। गैस्ट्रो अपडेट 2.0 एवं आईएसजी इंदौर 2026 की वार्षिक बैठक के दूसरे दिन वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. हरि प्रसाद यादव ने कहा कि इंदौर में लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद इसकी संख्या अभी अपेक्षाकृत कम है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इलाज का आर्थिक खर्च, ऑर्गन डोनर्स की कमी और लोगों में जागरूकता का अभाव है।
डॉ. यादव ने बताया कि आज भी कई मरीज और उनके परिजनों को यह जानकारी नहीं है कि इंदौर में भी लिवर ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। इसी कारण कई मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों का रुख करते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किस शहर या अस्पताल में इलाज कराना है, यह पूरी तरह मरीज और उसके परिवार का व्यक्तिगत निर्णय होता है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, अंगदान के प्रति समाज की सोच सकारात्मक होगी और इंदौर की चिकित्सा सुविधाओं पर भरोसा बढ़ेगा, वैसे-वैसे शहर में लिवर ट्रांसप्लांट की संख्या भी बढ़ेगी। डॉ. यादव ने जरूरतमंद मरीजों के लिए अधिक से अधिक लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।


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