फैल रहा है H1 N1, सतर्कता बरतें

इंदौर। मौसम में बदलाव के साथ श्वसन संबंधी बीमारियों की प्रवृत्ति को देखते हुए मौसमी इन्फ्लुएंजा, एच1एन1 एवं अन्य वैरिएंट की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने निजी चिकित्सालयों की बैठक लेकर इन्फ्लुएंजा की रोकथाम और उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार व्यक्तिगत स्वच्छता पर पर्याप्त ध्यान नहीं देना, बिना सावधानी के छींकना-खांसना तथा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना संक्रमण के प्रसार का कारण बन सकता है। निजी चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी स्वास्थ्य संस्थाओं में इन्फ्लुएंजा की रोकथाम एवं उपलब्ध उपचार व्यवस्थाओं की तत्काल समीक्षा करें तथा वर्तमान स्थिति का आकलन करें। मरीजों में प्रारंभिक स्तर पर इन्फ्लुएंजा के लक्षणों की पहचान को भी आवश्यक बताया गया है। अस्पतालों को ओपीडी रिपोर्ट नियमित रूप से IHIP पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

 राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्य अथवा मामूली लक्षण वाले श्रेणी ‘ए’ तथा सरल लेकिन गंभीर लक्षण या उच्च जोखिम वाले श्रेणी ‘बी’ के मरीजों के लिए अनावश्यक जांच नहीं करने और लक्षणों के आधार पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। केवल जटिल श्रेणी ‘सी’ के मरीजों के परीक्षण के लिए संबंधित सैंपल एमजीएम माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे जाएंगे।

 स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आईसीएमआर के अनुसार एच1एन1 का कोई नया स्वरूप सामने नहीं आया है। वर्तमान में फैल रहा इन्फ्लुएंजा सामान्यतः अपने आप ठीक हो जाता है, हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।

इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षण

इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षणों में खांसी, जुकाम, बदन दर्द, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द, सिरदर्द और अधिक सुस्ती शामिल हैं।

बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से खांसते या छींकते समय मुंह को कंधे की ओर रखने, साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोने तथा सर्दी-जुकाम होने पर अन्य लोगों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। हाथ मिलाने और गले मिलने से बचने, संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए टिश्यू पेपर, रूमाल, तौलिया और कपड़ों के इस्तेमाल से बचने की भी अपील की गई है।

सर्दी-जुकाम से पीड़ित होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने, घर पर रहने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने के साथ हाथ धोए बिना आंख, नाक और मुंह को न छूने की सलाह दी गई है।

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