इसके विरोध में कई कांग्रेसियों ने अपने इस्तीफे जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े को सौंप दिए है। अब वानखेड़े के सामने बागियों को मनाना एक बड़ी चुनौती है। मानपुर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति के विरोध में हासलपुर पंचायत कांग्रेस कमेटी ने भी छोड़ा साथ वही , महू शहर अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी पदाधिकारियों ने मोर्चा खोला। महू शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अमित अग्रवाल की नियुक्ति ने कांग्रेस संगठन में ऐसा असंतोष पैदा किया कि 100 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा लेकर सामने आ गए। नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने इस्तीफे इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को सौंप दिए।
नई नियुक्ति को लेकर उठे विरोध ने कांग्रेस संगठन के सामने अंदरूनी एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है। इस्तीफा देने वालों में पुराने पदाधिकारियों से लेकर अलग-अलग वार्डों और युवा कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता तक शामिल बताए जा रहे है। सामूहिक इस्तीफा देने वालों में कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी दिनेश पंचोली, वरिष्ठ नेता एवं सरपंच कमल चौधरी, सेवादल अध्यक्ष शाकिर खान, युवा कांग्रेस के मुस्तकीम कुरैशी और सचिन गुप्ता सहित कई नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न मंडलों, वार्डों और युवा कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे की भी जानकारी सामने आई है। यानी विरोध केवल किसी एक गुट या पद तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन के अलग-अलग स्तरों पर नाराजगी दिखाई दे मानपुर पंचायत कांग्रेस कमेटी की ओर से मानपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति के विरोध में इस्तीफा देने की बात सामने आई है। पंचायत कमेटी से जुड़े एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि कांग्रेस में समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं मानपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार थे और पिछले करीब 40 वर्षों से कांग्रेस के लिए निष्ठा और ईमानदारी से काम करते आए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संगठन में अपेक्षित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिली। नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मानपुर ब्लॉक को कांग्रेस ने प्रयोगशाला बना दिया है। वरिष्ठ नेताओं को अब हासलपुर से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है नाराजगी केवल ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। कार्यकर्ता ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक कांग्रेस के लिए काम किया, यदि उन्हें ही जिला नेतृत्व पहचान नहीं पा रहा है तो संगठन की स्थिति समझी जा सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोन करने पर जिला अध्यक्ष फोन तक नहीं उठाते।
नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में वर्षों से काम कर रहे लोगों की अनदेखी कर कुछ चुनिंदा लोगों को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। आरोप लगाया गया कि महू में कांग्रेस के निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ताओं के बजाय कुछ लोगों को संगठनात्मक पदों से नवाजा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने इसे कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो इसका असर आने वाले समय में संगठन पर पड़ सकता है।

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