असली दोस्त वह होता है जो जीवन में किसी काम आता है। ऐसा ही उदाहरण आज देखने को मिला जब नगर निगम की कचरा गाड़ी के चालक संजय हिरवे की जान उनके साथी आरिश भुवेल ने बचाई। दरअसल आज सुबह संजय जब कचरा गाड़ी लेकर गोपुर चौराहे पर पहुंचे तो उन्हें अचानक घबराहट हुई।
उन्हें अस्पताल ले जाया जाने लगा तो घबराहट और तेज हो गई, इस पर आरिश को लगा कि उन्हें अटैक आया है आरिश ने तुरंत उन्हें सीपीआर दिया और नजदीकी अस्पताल में ले गए। जहां से उन्हें बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टर ने बताया कि आरिश की जागरूकता से संजय की जान बच गई है, क्योंकि हार्ट अटैक आने की शुरुआत में अगर सीपीआर दे दी जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है। फिलहाल संजय भुवेल की हालत ठीक है और उनका इलाज चल रहा है।

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