पटना। बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़े B.Pharm और B.Sc. Nursing के छात्र रिजल्ट और परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें पहले से बताया गया था कि सब मैनेज है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में फेल कर दिया गया। हालांकि, पैसे लेने के आरोप की विश्वविद्यालय या प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। इससे उनका एक साल खराब होने और आगे की पढ़ाई व नौकरी के अवसर प्रभावित होने का डर है। BUHS के सामने पहले भी परीक्षा और रिजल्ट में देरी को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की खबरें सामने आ चुकी हैं। जून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में करीब दो लाख हेल्थ साइंस छात्रों को परीक्षा और रिजल्ट में देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
वहीं, विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में अगस्त 2026 में B.Pharm और B.Sc. Nursing के प्रैक्टिकल अंकों की ऑनलाइन एंट्री से जुड़े नोटिस जारी किए गए हैं।
छात्र अब पूरे मामले की जांच, रिजल्ट की निष्पक्ष समीक्षा और कथित तौर पर पैसे लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक अनिल शांडिल्य ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं, लेकिन छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका देखने का अधिकार है। वे RTI के तहत अपनी कॉपी प्राप्त कर उसका मूल्यांकन देख सकते हैं और अगर उन्हें लगता है कि मूल्यांकन में कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और आगे की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर के माध्यम से होती है, जिससे इसमें किसी व्यक्ति की सीधी दखलंदाजी नहीं रहती। उनके मुताबिक, प्रक्रिया में यह भी पता नहीं रहता कि किस छात्र की कॉपी किसके पास मूल्यांकन के लिए गई है।

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