मध्य प्रदेश के इंदौर की हीरा नगर पुलिस का कथित 'प्लास्टर कांड' सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे मामले में थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है।
मामला दोपहिया वाहन और कार के बीच हुई मामूली टक्कर के बाद हुए विवाद का है। आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ युवकों ने कार में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में हीरा नगर पुलिस ने शोभित, ओम, मयंक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनका प्लास्टर व पट्टी बंधवाकर शहर में पैदल जुलूस निकाला। पुलिस ने दावा किया कि दो आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भागते समय घायल हो गए थे, इसलिए उनके हाथ-पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया।
हालांकि, कुछ ही समय बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वही आरोपी चलते हुए अपने हाथ की पट्टी और प्लास्टर हटाकर फेंकते नजर आए। वीडियो वायरल होते ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे और आरोप लगे कि आरोपियों को जानबूझकर प्लास्टर लगाकर सख्त कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया।
मामले के तूल पकड़ने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी सहित जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

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