इंदौर। मध्यप्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत इंदौर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 2,165 किलोग्राम/लीटर से अधिक संदिग्ध घी जब्त किया। जब्त घी की अनुमानित कीमत ₹12.21 लाख बताई गई है। साथ ही बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित एक प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के चार प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 31 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश, आयुक्त खाद्य सुरक्षा के मार्गदर्शन और कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई।
सुदामा नगर स्थित मेसर्स श्री इंटरप्राइजेज बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाया गया। यहां से विभिन्न ब्रांडों के 1,115.4 किलोग्राम/लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब ₹7.46 लाख है। प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया।
वहीं डुग्गू एंटरप्राइजेज से गुजरात में निर्मित विभिन्न ब्रांडों के घी के 14 नमूने लिए गए और 1,050 किलोग्राम संदिग्ध घी (करीब ₹4.75 लाख) जब्त किया गया।
इसके अलावा किशनलाल मायाराम प्रा. लि. और सतगुरु मिल्क प्रोडक्ट से दूध, मावा, पनीर, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। मिलावटखोरों और बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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