"मैं अनुभवी हूं, मुझसे बड़ा कोई नहीं" वाली सोच बदलनी होगी: डॉ. भरत रावत

 इंदौर के मालवांचल विश्वविद्यालय के IIMAS में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भरत रावत ने कहा कि मरीज से बेहतर संवाद, उपचार का रिकॉर्ड और फीडबैक स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित बनाने में अहम हैं।

इंदौर। मालवांचल विश्वविद्यालय के इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, आर्ट्स एंड साइंसेज (आईआईएमएएस) में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल, जीवनभर के लिए सुरक्षित देखभाल” रही।

कार्यक्रम में वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भरत रावत ने कहा कि मरीज के साथ बेहतर संवाद रोगी सुरक्षा का अहम हिस्सा है। डॉक्टरों को मरीज की समस्या और उपचार से जुड़ी जानकारी समझने के साथ बातचीत का उचित रिकॉर्ड भी रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि फीडबैक से संस्थान को अपनी कमियां सुधारने का मौका मिलता है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों को आलोचना सुनकर नाराज होने के बजाय उससे सीखने और व्यवस्था में सुधार करने की मानसिकता रखनी चाहिए। उन्होंने मरीजों को भी बिना समझे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करने की सलाह दी।

डॉ. रावत ने कम उम्र में बढ़ रहे हृदय रोग के खतरे को देखते हुए नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, सैनिटाइजेशन और दवाओं की सही मात्रा व सही ड्रग लिखने को भी मरीज की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. संजीव नारंग, आईआईएमएएस डायरेक्टर डॉ. तपेश दुबे और प्राचार्य डॉ. अजय मिश्रा ने डॉ. भरत रावत को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने रोगी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य अतिथि मौजूद रहे।

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