भोपाल। सरकारी डॉक्टर किसी भी प्रकार की प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इस मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि डॉक्टर अपनी जवाबदारी समझे और वे केवल ओपीडी देखने तक ही सीमित नहीं रहे। इसके अलावा उनके जो काम है वह काम भी करें। प्रदेश में अधिकांश सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं और इस कारण सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीज भी प्रभावित होते हैं। उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल और राजस्थान में पहले ही सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अब मध्य प्रदेश में भी यह प्रतिबंध सख़्ती से लागू होगा।
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