Naag Panchami 2026: नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचे हजारों श्रद्धालु, साल में एक बार ही क्यों खुलते है पट?

 


उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रात 12 बजे खोल दिए गए। पट खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके थे और आधी रात से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं।

महाकालेश्वर मंदिर की ऊपरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती सात फनों वाले नाग के नीचे विराजमान हैं। इस दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं। इस बार नागपंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार होने से भीड़ और बढ़ गई है। इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निकलेगी।

साल में सिर्फ एक बार क्यों खुलते हैं पट?

धार्मिक मान्यता के अनुसार नागराज तक्षक ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर अमरत्व का वरदान प्राप्त किया था। मान्यता है कि भगवान शिव के सान्निध्य में रहने की तक्षक की इच्छा के बाद नागचंद्रेश्वर स्वरूप की स्थापना हुई। इसी धार्मिक परंपरा के चलते मंदिर के पट सालभर बंद रहते हैं और केवल नागपंचमी पर 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाते हैं।

इस वर्ष मंदिर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे से 17 अगस्त की रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद भक्तों को नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अगले नागपंचमी पर्व तक इंतजार करना होगा।

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