इंदौर-खंडवा और इंदौर-हरदा हाईवे प्रोजेक्ट में देरी, डेढ़ साल बाद भी अधूरा काम

 

Ai Generated 

इंदौर। शहर से दक्षिण और पूर्व दिशा में बन रहे इंदौर-खंडवा और इंदौर-हरदा हाईवे प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। दोनों महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण से जाम से राहत और सफर का समय घटने की उम्मीद थी, लेकिन कई हिस्सों में काम अधूरा होने के कारण मौजूदा मार्ग पर ट्रैफिक दबाव बना हुआ है।

इंदौर-खंडवा मार्ग के तेजाजी नगर से बलवाड़ा तक 33.4 किलोमीटर के फोरलेन सेक्शन में तीन महत्वपूर्ण टनल बनाई जा रही हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का काम उस समय 88 प्रतिशत पूरा था और परियोजना में ₹924.44 करोड़ का निवेश बताया गया था। भेरूघाट, बैग्राम और चोरल घाट में क्रमश: 575, 480 और 550 मीटर लंबी टनल प्रस्तावित हैं।

हालांकि, बाद की रिपोर्टों में निर्माण की रफ्तार और टनल के काम को लेकर देरी की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों टनल पूरी तरह तैयार नहीं होने के कारण पूरे नए मार्ग का इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया है। इसी वजह से मौजूदा घाट मार्ग पर वाहनों का दबाव बना हुआ है और कई मौकों पर लंबा जाम लग रहा है।

पहले NHAI की ओर से जून 2026 तक इंदौर-इच्छापुर फोरलेन को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य बताया गया था। नवंबर 2025 में NHAI चेयरमैन के निरीक्षण के दौरान भी अधिकारियों को जून 2026 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।

वहीं अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में तेजाजी नगर-बलवाड़ा सेक्शन का काम करीब 85-87 प्रतिशत पूरा बताया गया था और दिसंबर 2026 तक इसे शुरू करने का लक्ष्य बताया गया था। इसमें 24 ब्रिज और एक करीब 1.8 किलोमीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज भी शामिल है।

इंदौर-हरदा हाईवे भी अधूरा

इंदौर-हरदा-बैतूल फोरलेन परियोजना के तहत MR-10 जंक्शन से राघौगढ़ की ओर भी निर्माण कार्य चल रहा है। इस हिस्से में फ्लायओवर, ब्रिज, सर्विस रोड और अन्य संरचनाओं का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद इंदौर से हरदा और आगे बैतूल की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

फिलहाल दोनों प्रोजेक्टों के अधूरे हिस्सों के कारण यात्रियों को निर्माण क्षेत्र, डायवर्जन और संकरे मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। खासकर बारिश और सावन के दौरान ओंकारेश्वर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से इंदौर-खंडवा मार्ग पर ट्रैफिक दबाव और बढ़ जाता है।

क्या बदलेगा हाईवे पूरा होने के बाद?

तेजाजी नगर-बलवाड़ा फोरलेन पूरा होने के बाद खतरनाक घाट मोड़ों से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने पर इंदौर से ओंकारेश्वर तक का सफर करीब एक घंटे में पूरा होने का लक्ष्य बताया गया है, जबकि अभी कई बार दो से ढाई घंटे तक लग जाते हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन परियोजनाओं से इंदौर और निमाड़ के लाखों लोगों को जाम से राहत मिलनी थी, वे पूरी तरह कब चालू होंगी।

Post a Comment

0 Comments