इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रखने की शुरुआत कर दी है। जिला न्यायालय के बाद शुक्रवार को उन्होंने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं के सामने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।
महापौर ने कहा कि 2022 से 2030 तक का दौर इंदौर के पुनर्निर्माण और पुनर्रचना का है। पिछले चार वर्षों में शहर को आने वाले 25 से 30 साल की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर फोकस किया गया है।
अपने संबोधन में भार्गव ने सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था, सोलर एनर्जी, हरियाली, जल संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और नगर निगम की सेवाओं के डिजिटाइजेशन जैसे कामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदौर का लक्ष्य अब केवल स्वच्छता में नंबर-1 रहना नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन के क्षेत्र में दुनिया के लिए मॉडल बनना है।
महापौर ने कहा कि उन्हें यहां आकर सबसे पहले उन लोगों के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखना जरूरी लगा, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अधिवक्ता समाज से कहा कि वे खुद तय करें कि उन्हें मिली जिम्मेदारी का उन्होंने कितना ईमानदारी से निर्वहन किया।
महापौर बोले चिंटू चौकसे नेता प्रतिपक्ष है क्या?
महापौर से जब पूछा गया कि क्या वह शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के सार्वजनिक रूप से डिबेट चैलेंज को स्वीकार करेंगे तब उन्होंने कहा कि आखिर वह क्या है? नेता प्रतिपक्ष कौन है? वह एक बार तय करले फिर बात करेंगे।
अध्यक्ष मनीष यादव बोले- महापौर बाद में, पहले बार एसोसिएशन के सदस्य
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनीष यादव ने कहा कि पुष्यमित्र भार्गव महापौर बाद में हैं, पहले वे बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि चार साल के कार्यकाल में शहर में हुए काम और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी देने के लिए महापौर बार एसोसिएशन के बीच पहुंचे थे।
मनीष यादव ने बताया कि महापौर ने खास तौर पर युवाओं और शहर को आने वाले समय में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं। इसके साथ ही इंदौर की जल समस्या और ट्रैफिक व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर भी महापौर ने विशेष जोर दिया।


0 Comments