टीम इंडिया में चयन के बाद बोले सारांश जैन: 'पिता मेरे सबसे बड़े आदर्श, उनका सपना ही मेरी प्रेरणा'

 


इंदौर: श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चयनित ऑलराउंडर सारांश जैन ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में अपनी सफलता का श्रेय पिता सुबोध कुमार जैन को दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं और उन्हीं के सपने ने उन्हें टीम इंडिया तक पहुंचाया।

सारांश ने बताया कि जब वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, तब उनके पिता के मुंह के कैंसर का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन परिवार ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी ताकि उनका ध्यान क्रिकेट से न भटके। लौटने पर पिता ने उनसे कहा था, "तुम जितना अच्छा क्रिकेट खेलोगे, मैं उतनी जल्दी ठीक हो जाऊंगा।" यही बात उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता के साथ पूर्व क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी, अमय खुरासिया और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित को भी दिया। सारांश ने बताया कि रविचंद्रन अश्विन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं और हरभजन सिंह की सीख ने उन्हें मेहनत दोगुनी करने की प्रेरणा दी।

सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनका सबसे बड़ा सपना था। अब उनका लक्ष्य श्रीलंका दौरे पर अंतिम एकादश में जगह बनाकर शानदार प्रदर्शन करना और इंदौर व देश का नाम रोशन करना है। कार्यक्रम में उनके माता-पिता, पत्नी और भाई भी मौजूद रहे।

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