मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। डायलिसिस पर निर्भर 21 वर्षीय युवक की सरकारी एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार, युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन समय पर ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। कुछ ही देर बाद युवक ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और 108 एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक मानी जाने वाली एंबुलेंस में ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा का खत्म हो जाना पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर चिंता बढ़ाता है।

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