श्री लंका के खिलाफ भारतीय टीम में सिलेक्ट इंदौर के सारांश जैन के लिए यह गुरू पूर्णिमा अपने गुरू को गुरू दक्षिणा देने के लिए जानी जाएगी।
दरअसल सारांश के पिता सुबोध जैन भी खुद रणजी खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन एक बीमारी के बाद वे क्रिकेट से दूर हो गए थे।
बचपन वे अपने पिता को क्रिकेट खेलते देख सारांश ने उन्हें अपना गुरू मानकर खेलना सीखा और आज उन्होंने अपने पिता का सपना भारतीय टीम में सिलेक्ट होकर पूरा कर लिया। सारांश का कल उनके गृहक्षेत्र में जोरदार स्वागत किया गया, जहां उनके मित्रों और पिता के मित्रों ने सारांश का स्वागत कर आतिशबाजी की और केक काटकर खुशी का जश्न मनाया।

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