इंदौर/भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में कहा कि कार्यवाही के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा छात्रों के लिए "कीड़ा" शब्द कहे जाने का उल्लेख नहीं मिला।
इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से उमंग सिंघार के खिलाफ विधानसभा के नियम 164 के तहत विशेषाधिकार हनन की सूचना दी गई। आरोप है कि सदन की कार्यवाही को गलत तरीके से प्रस्तुत कर मंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
वहीं, उमंग सिंघार अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने सदन में कहा कि उन्होंने कोई गलत जानकारी साझा नहीं की है।
अब फैसला विधानसभा अध्यक्ष और आगे की संसदीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा कि मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है या नहीं। फिलहाल उमंग सिंघार के खिलाफ कोई अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है।

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