इंदौर के एमजीएम कॉलेज में बढ़ी पीजी की सीटें

इंदौर। चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज को विभिन्न विभागों में स्नातकोत्तर (पीजी) की 39 नई सीटों की स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही संस्थान में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 322 हो गई है, जो प्रदेश के किसी भी अन्य सरकारी अथवा निजी मेडिकल कॉलेज की तुलना में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त संस्थान में 13 सुपर स्पेशियलिटी सीटें भी उपलब्ध हैं।

 एमजीएम मेडिकल कॉलेज की इस उपलब्धि से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार करने के अवसर बढ़ेंगे। इससे संस्थान की शैक्षणिक क्षमता, चिकित्सा प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

इन विभागों में बढ़ीं 39 नई पीजी सीटें

 कॉलेज को नौ विभागों में कुल 39 अतिरिक्त पीजी सीटें स्वीकृत हुई हैं। इनमें एनाटॉमी में 2, कम्युनिटी मेडिसिन में 12, डर्मेटोलॉजी में 1, फॉरेंसिक मेडिसिन में 2, माइक्रोबायोलॉजी में 2, पैथोलॉजी में 9, साइकियाट्री में 2, जनरल सर्जरी में 4 तथा ऑर्थोपेडिक्स में 5 सीटें शामिल हैं।

 एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पीजी की 39 नई सीटों की स्वीकृति संस्थान की शैक्षणिक प्रगति, विभागों की कार्यक्षमता और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पीजी सीटों की संख्या बढ़कर 322 होना संस्थान को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है। इसके साथ उपलब्ध 13 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षण की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।

 डॉ. घनघोरिया ने कहा कि किसी भी मेडिकल कॉलेज की वास्तविक पहचान वहां से तैयार होने वाले कुशल एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से होती है। पीजी सीटों में वृद्धि से अधिक संख्या में मेडिकल स्नातकों को विभिन्न विशेषज्ञताओं में उच्च शिक्षा एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में प्रदेश को अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे।

मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ, उपचार सुविधाओं का होगा विस्तार

 डीन डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इस उपलब्धि का दूरगामी लाभ मरीजों को मिलेगा। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सा संस्थानों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के साथ विभिन्न विभागों की चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा।

 उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ विभागों में चिकित्सकीय मानव संसाधन मजबूत होने से मरीजों की जांच, उपचार एवं ऑपरेशन संबंधी सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। इससे ऑपरेशन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित करने, प्रतीक्षा समय कम करने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

 पीजी सीटों में वृद्धि से कॉलेज के विभिन्न विभागों में अकादमिक गतिविधियों का विस्तार होगा। अधिक संख्या में स्नातकोत्तर विद्यार्थी विभागों से जुड़ेंगे, जिससे शिक्षण, क्लीनिकल प्रशिक्षण, शोध कार्य और चिकित्सा की नवीन तकनीकों के अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा। फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के बीच अकादमिक संवाद बढ़ने के साथ नवीन उपचार पद्धतियों और वैज्ञानिक अनुसंधान को भी आगे बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

डीन ने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का भी महत्वपूर्ण आधार है। यहां प्रशिक्षित होने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक भविष्य में शासकीय अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से विशेष रूप से जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

 पीजी की कुल 322 सीटों एवं 13 सुपर स्पेशियलिटी सीटों के साथ एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी शैक्षणिक क्षमता का विस्तार किया है। यह उपलब्धि इंदौर सहित पूरे मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में इसका लाभ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने, गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के रूप में आमजन तक पहुंचने की उम्मीद है। 

Post a Comment

0 Comments