इंदौर। शहर में जल समस्या को लेकर आयोजित बैठक में भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के शामिल नहीं होने पर उनका बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर वे कई बार अधिकारियों, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और संबंधित जिम्मेदारों के सामने पक्ष रख चुकी हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में केवल बैठक में शामिल होने से क्या होगा, जब धरातल पर काम ही नहीं हो रहा।
मालिनी गौड़ ने अपने क्षेत्र में जलापूर्ति की समस्या उठाते हुए गोडवाले धाम की टंकी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह उनके कार्यकाल की उपलब्धि है, लेकिन टंकी बनने के बाद बस्तियों तक पानी पहुंचाने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाई जानी थी, जो अब तक नहीं बिछी। इसके चलते कई जगह गंदा पानी आ रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में पानी पहुंच ही नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के दौरे के दिन टंकी पूरी भरकर रखी जाती है, लेकिन आम दिनों में लोगों को परेशानी होती है।
विधायक ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है और पार्षदों के काम भी नहीं हो रहे हैं। जब समस्याएं हद से ज्यादा बढ़ गईं, तब उन्हें अपनी बात रखनी पड़ी। उनका कहना है कि बैठकें करने के बजाय समस्याओं का वास्तविक समाधान किया जाना चाहिए।
चिंटू चौकसे ने सरकार पर कसा तंज
इधर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मालिनी गौड़ के बयान पर कहा कि जब भाजपा की विधायक ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं, तो शहर की जल व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे पर इन समस्याओं का समाधान निकलता है या जनता को केवल बैठकों और आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ेगा।
चौकसे ने कहा कि जल समस्या के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। यदि उनसे सुझाव मांगे जाएंगे, तो वे सुझाव देने के लिए तैयार हैं।
जल समस्या की बैठक में कई विधायकों की गैरमौजूदगी और मालिनी गौड़ के सवालों के बाद अब शहर की जलापूर्ति व्यवस्था तथा लंबित समस्याओं के निराकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


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