इंदौर में रैपिडो समेत बाइक टैक्सी के विरोध में ऑटो, कार टैक्सी और बैटरी ऑटो चालकों ने पलासिया पुलिस मुख्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने निजी वाहनों के कमर्शियल इस्तेमाल, पुलिस वेरिफिकेशन और कंपनियों के लाइसेंस की जांच की मांग करते हुए 5 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
इंदौर। शहर में बाइक टैक्सी के संचालन को लेकर ऑटो रिक्शा चालकों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार शाम करीब 5 बजे ऑटो चालक पलासिया स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे और रैपिडो सहित बाइक टैक्सी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कार टैक्सी ड्राइवर कल्याण समिति और बैटरी ऑटो चालकों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के अध्यक्ष राजेश बिड़कर ने पुलिस कमिश्नर के नाम सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि निजी दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल कमर्शियल यात्री परिवहन में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बाइक टैक्सी चालकों के पुलिस वेरिफिकेशन, वाहनों के दस्तावेज और संबंधित कंपनियों की अनुमति की जांच की मांग की है। उनका दावा है कि इंदौर में बड़ी संख्या में बाइक टैक्सी संचालित हो रही हैं, जिससे परमिट लेकर चलने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों के रोजगार पर असर पड़ रहा है।
2019 से विरोध का दावा
इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के शहर अध्यक्ष निलेश सूर्यवंशी, पंकज मालवीय और हरीश पंवार ने कहा कि बाइक टैक्सी के खिलाफ वर्ष 2019 से अलग-अलग स्तर पर आंदोलन किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि दूसरे शहरों और राज्यों में पंजीकृत दोपहिया वाहन भी इंदौर में बाइक टैक्सी के रूप में संचालित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि बाइक टैक्सी से दुर्घटना होने की स्थिति में यात्रियों को बीमा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पुलिस, यातायात पुलिस, साइबर पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर बाइक टैक्सी के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाने की मांग की है।
ऑनलाइन कंपनियों के लाइसेंस की जांच की मांग
ज्ञापन में रैपिडो, ओला और जुगनू जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ट्रेड लाइसेंस और एग्रीगेटर लाइसेंस की जांच की मांग भी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन ऑटो का किराया निर्धारित सरकारी दर के अनुसार करने, नशे में वाहन चलाने वाले और यात्रियों से दुर्व्यवहार करने वाले चालकों पर कार्रवाई तथा मेट्रो स्टेशनों के आसपास ऑटो स्टैंड की व्यवस्था करने की मांग रखी गई।
बैटरी ऑटो चालकों ने भी बाइक टैक्सी के खिलाफ नियमित चेकिंग अभियान चलाने, यात्री प्रतीक्षालय बनाने और अभियान से पहले पर्याप्त समय देने समेत कई मांगें रखीं।
5 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर 5 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऑटो, कार टैक्सी और बैटरी ऑटो चालक काम बंद हड़ताल के साथ भूख हड़ताल शुरू कर सकते हैं। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बाइक टैक्सी के संचालन की जांच और कार्रवाई की मांग की।
राजेश बीडकर

0 Comments