इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 72 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली होने और छात्रों के बजट को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं जीतू पटवारी ने पेपर लीक को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ कांग्रेस नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है।
इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से एक दिन पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शिक्षा, भर्ती और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सामने रखने का मंच है। राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे।प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि जब जंतर-मंतर पर छात्र परीक्षा में पेपर लीक के विरोध में धरना दे रहे थे, तब उन पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि छात्रों पर नुकीले डंडों से हमला किया गया और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, इसके बावजूद छात्र अपने आंदोलन पर डटे रहे। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार में छात्रों के भविष्य से ज्यादा पैसा आरएसएस और भाजपा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में हालात ऐसे हो गए हैं कि युवाओं को अपने मुद्दों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया, जो कुल बजट का लगभग 0.98 प्रतिशत है। सिंघार ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में 72 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं और लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है।सिंघार ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अनुमति और मैदान के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मोहन भागवत के कार्यक्रमों के लिए व्यवस्था अलग तरीके से की जाती है, जबकि राहुल गांधी और कांग्रेस के कार्यक्रम को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राष्ट्रहित के खिलाफ हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा व्यवस्था में खाली पदों और प्रोफेसरों की कमी का मुद्दा भी उठाया। पटवारी ने कार्यक्रम की अनुमति और मैदान को लेकर हुए घटनाक्रम पर सरकार पर सवाल खड़े किए।पटवारी ने कहा कि भले ही कार्यक्रम के लिए कांग्रेस से पैसे लिए गए हों और राहुल गांधी को रोकने की कोशिश की जा रही हो, कांग्रेस इन बातों पर ध्यान नहीं देगी। उनके मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज से जुड़ा अभियान है।
19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने रीजनल पार्क क्षेत्र में वैकल्पिक मैदान की व्यवस्था की है।



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