एलन मस्क की कंपनी SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का एक पुराना ऊपरी हिस्सा (Upper Stage) 5 अगस्त 2026 को चंद्रमा की सतह से टकरा गया। यह टक्कर पहले से अनुमानित थी और वैज्ञानिकों के अनुसार यह करीब 2.4 किलोमीटर प्रति सेकंड (लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से हुई।
करीब 4 टन वजनी यह रॉकेट स्टेज जनवरी 2025 में लॉन्च किए गए मिशन का हिस्सा था। इसने Firefly Aerospace के Blue Ghost लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में पहुंचाने के बाद अपना काम पूरा कर लिया था। इसके बाद यह अंतरिक्ष में अनियंत्रित रूप से घूमता रहा और अंततः चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में आकर उससे टकरा गया।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर लगभग 20 से 40 मीटर (करीब 65 से 130 फीट) चौड़ा नया गड्ढा (क्रेटर) बना है। टक्कर के समय निकली धूल और मलबे का गुबार कई किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंचा। हालांकि पृथ्वी पर इसका कोई खतरा नहीं है।
इस टक्कर को सीधे कैमरे में कैद नहीं किया जा सका। हालांकि चिली स्थित एक वेधशाला ने टक्कर के बाद सोडियम और लिथियम के उत्सर्जन का पता लगाया, जिसे वैज्ञानिक इस प्रभाव का मजबूत संकेत मान रहे हैं। NASA और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां अब अपने ऑर्बिटर की मदद से टक्कर वाली जगह की तस्वीरें लेकर क्रेटर के आकार की पुष्टि करेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रमा पर मानव और निजी अंतरिक्ष मिशनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अंतरिक्ष मलबे (Space Debris) की निगरानी और उसके सुरक्षित निपटान की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियोजित टक्करों को रोका जा सके।

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