नई दिल्ली। ‘शक्तिमान’ फेम अभिनेता मुकेश खन्ना अपने एक ताजा बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भारत के वर्तमान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने यह मांग करीब तीन साल पहले भी उठाई थी।
मुकेश खन्ना ने IANS से बातचीत में दावा किया कि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान नहीं होना चाहिए और इसे बदलकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘वंदे मातरम’ को महत्व दिए जाने की भी सराहना की।
खन्ना ने यह भी बताया कि उन्होंने करीब सात मिनट लंबा ‘वंदे मातरम’ रिकॉर्ड किया है, जिसे वह आगे रिलीज करने की तैयारी में हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
हालांकि, उनके बयान में कुछ तथ्यात्मक गलतियां भी सामने आई हैं। ‘वंदे मातरम’ पहले से ही भारत का राष्ट्रीय गीत है, जबकि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रीय गान है।
इसके अलावा, खन्ना ने दावा किया कि ‘जन गण मन’ ब्रिटिश शाही परिवार के लिए लिखा गया था। फैक्ट-चेक रिपोर्टों के अनुसार यह दावा गलत और भ्रामक है। उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक रवींद्रनाथ टैगोर ने ‘जन गण मन’ की रचना 1911 में की थी और इसका ब्रिटिश शाही परिवार के लिए लिखा जाना प्रमाणित नहीं है।
मुकेश खन्ना के इस बयान ने एक बार फिर ‘जन गण मन’ बनाम ‘वंदे मातरम’ को लेकर सार्वजनिक बहस को गर्म कर दिया है।

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