उधर महापौर ने गिनवाई उपलब्धियां...इधर कांग्रेस बोली शहर को नीचे लाने की सुपारी ली!


 इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रेस वार्ता कर नगर निगम और महापौर पर तीखा हमला बोला। चौकसे ने कहा कि महापौर को चार साल पूरे होने पर अपनी उपलब्धियों का बखान करने के बजाय इंदौर की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के कार्यकाल में इतने भ्रष्टाचार, लापरवाहियां और विवाद सामने आए हैं कि उन्हें लिखने के लिए एक किताब भी कम पड़ जाएगी।

चौकसे ने सबसे पहले रामनवमी 2023 के बावड़ी हादसे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक पूर्व पार्षद द्वारा कब्जा कर बनाई गई संरचना वाली बावड़ी की छत गिरने से 36 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इतने बड़े हादसे के बावजूद आज तक किसी की जवाबदेही तय नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने मधुमिलन चौराहे पर ड्रेनेज लाइन निर्माण के दौरान हुए हादसे का भी जिक्र किया। चौकसे ने कहा कि इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हुई और दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो गया, लेकिन नगर निगम ने अब तक जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

भागीरथपुरा के दूषित पानी के मामले को उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला सिर्फ इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में महापौर और संबंधित मंत्री इस मामले को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। चौकसे ने कहा कि पीड़ित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है, क्षेत्र में आज भी गंदे पानी की समस्या बनी हुई है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने महापौर पर निशाना साधा। उनका कहना था कि महापौर के कार्यकाल में शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ी है और नागरिकों को रोजाना घंटों परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने निर्माणाधीन ब्रिज और फ्लाईओवर का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकांश स्थानों पर सर्विस रोड की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

चौकसे ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि निगम पर ठेकेदारों की करीब 1600 करोड़ रुपये की देनदारी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रेनेज परियोजना में भी लगभग 1600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसकी चर्चा इंदौर से बाहर भी हो रही है। नामांतरण घोटाले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतिरिक्त आयुक्त से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सराफा चौपाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चौकसे ने कहा कि हरदा पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद नगर निगम को ऐसे स्थानों की सुरक्षा का गंभीरता से परीक्षण करना चाहिए था, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। बिजासन मंदिर टेकरी के विकास को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल में वहां अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके।
कम बारिश के बावजूद जल प्रबंधन को लेकर भी कांग्रेस ने नगर निगम को घेरा। चौकसे ने कहा कि यदि बारिश कम हो रही थी तो वैकल्पिक जल व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

प्रेस वार्ता के दौरान चौकसे ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मंच पर महापौर के साथ चार वर्षों के कामकाज पर बहस करने को तैयार हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि महापौर "गलती से वकालत छोड़कर राजनीति में आ गए हैं तो उन्हें इंदौर की जनता से माफी मांगनी चाहिए।" चौकसे ने आरोप लगाया कि महापौर ने शहर को विकास की बजाय पीछे धकेलने का काम किया है और समाज में नफरत फैलाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट भटिया ने भी निगम पर निशाना साधते हुए महापौर को से इंदौर की जनता के सामने आकर माफी मांगने की अपील की।

इस दौरान उन्होंने शहर में जगह-जगह गड्ढे, जलभराव और ट्रैफिक व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया।

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