देवास। महाराष्ट्र से इंदौर के लिए भेजी 42 टन शक्कर रास्ते से गायब हो गई। आरोपियों ने इतनी चालाकी से वारदात को अंजाम दिया, फिर भी वे पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
30 जुलाई को बारामती एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र से इंदौर के पाल्दा स्थित गोडाउन के लिए 840 बोरी (42 टन) शकर कीमत लगभग 18.32 लाख ट्रक क्रमांक यूपी 53 ईटी 6084 से भेजी गई थी। निर्धारित गंतव्य पर वाहन एवं शकर नहीं पहुंचने तथा चालक का मोबाइल बंद मिलने पर थाना औद्योगिक क्षेत्र देवास में विभिन्न धराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। एसपी देवास पुनीत गेहलोद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्धमान एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन तथा थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठीत की गई।
जांच में सामने आया कि मूल वाहन पाल नगर टोल से गुजरने के बाद आगे यूपी 58 टी 9506 नंबर प्लेट के साथ दिखाई दिया। नंबर प्लेट बदलकर वाहन की वास्तविक पहचान छिपाई गई। 12 अगस्त को कानपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अनुज सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम कोटड़ा जिला जालौन उप्र, गोविंद औमर उम्र 34 वर्ष निवासी मुसानगर, कानपुर देहात उप्र, विशाल साहू, उम्र 19 वर्ष निवासी मुसानगर कानपुर देहात उप्र को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 438 बोरी शकर (21.9 टन) बरामद की गई। पूछताछ के आधार पर 4 लाख नगद भी बरामद किए गए। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। इनका मुख्य सरगना उपेन्द्र भदौरिया निवासी ग्राम कुढ़वा गजनेर कानपुर है। इसके अतिरिक्त गौरव सिंह, मोहित सिंह एवं अभय सिंह की भूमिका एवं प्रकरण में संलिप्तता के संबंध में भी विवेचना की जा रही है।

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