नवरात्रि से पहले MP में गरबे पर सियासत गर्म, नेताओं के बयानों से बढ़ी बयानबाजी

 भोपाल। नवरात्रि शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश में गरबा आयोजनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उषा ठाकुर, विश्वास सारंग और रामेश्वर शर्मा समेत कई नेताओं ने गरबा पंडालों में प्रवेश और पहचान को लेकर बयान दिए हैं।

भोपाल/इंदौर। नवरात्रि शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश में गरबा आयोजनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के कई नेताओं ने गरबा पंडालों में प्रवेश और आयोजन से जुड़े मुद्दों पर अपनी-अपनी बात रखी है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है।

पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सवाल उठाते हुए आयोजकों से पहचान सुनिश्चित करने की बात कही है। उनके एक बयान में बड़ी संख्या में युवतियों के गरबा में शामिल होने का दावा भी सामने आया। उनका कहना है कि जो विधर्मी है उसे आजीवन प्रवेश नहीं देना चाहिए। हर साल विधर्मियों के साथ लाखों हिंदू लड़कियां चल जाती है फिर अगले साल कई बच्चों को जन्म देती है।

वहीं, मंत्री विश्वास सारंग ने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए इसमें शामिल होने को आस्था और धार्मिक परंपराओं से जोड़कर बयान दिया। 

भोपाल के हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा में मुस्लिम युवकों की भागीदारी को लेकर कहा कि अगर मुस्लिम गरबा में आना चाहते हैं तो आएं, लेकिन अकेले लड़के ही क्यों आएं, अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। उन्होंने तिलक लगाने, जय श्रीराम बोलने और गोमाता की रक्षा करने की बात भी कही।

इन बयानों के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने गरबा आयोजनों को लेकर दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए हैं।

नवरात्रि के दौरान प्रदेशभर में बड़ी संख्या में गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। ऐसे में आयोजन से पहले नेताओं के बयान आने के बाद गरबा और पहचान को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है।

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