इंदौर में प्रस्तावित UPI मर्चेंट चार्ज के विरोध में 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ अभियान चलाया जाएगा। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर, कॉल सेंटर और सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों व ग्राहकों तक अभियान की जानकारी पहुंचाना शुरू किया है।
इंदौर में UPI के चुनिंदा बड़े मर्चेंट लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40% MDR के विरोध में व्यापारियों का अभियान तेज हो गया है। शहर में 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का ऐलान किया गया है। अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर 125 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों के इस अभियान से जुड़ने की बात सामने आई है।
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर अभियान शुरू कर दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन के मुताबिक दुकानों पर UPI QR और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध किया जाएगा। व्यापारियों का दावा है कि प्रस्तावित शुल्क से खासकर कम मार्जिन वाले कारोबार पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है।
व्यापारियों की ओर से 23 सितंबर को UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और ग्राहकों से नकद भुगतान की अपील की जा रही है। अभियान को सोशल मीडिया और कॉल सेंटर के जरिए करीब 10 लाख लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य भी बताया गया है। इंदौर के अलावा भोपाल, ग्वालियर, मंदसौर और नीमच के व्यापारिक संगठनों से समर्थन मिलने की भी रिपोर्ट है।
वहीं, एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘नो UPI डे’ का मतलब पूरे देश में UPI बंद होना नहीं है। यह व्यापारिक संगठनों द्वारा प्रस्तावित MDR के विरोध में किया जा रहा सांकेतिक विरोध है। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए MDR ढांचे के तहत सभी UPI लेन-देन पर शुल्क नहीं लगेगा।

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