इंदौर। गणेश उत्सव के दौरान इंदौर की ऐतिहासिक झांकी परंपरा एक बार फिर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। खजराना गणेश मंदिर के बाद शास्त्री कॉर्नर समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न मंडलों और संस्थाओं की भव्य झांकियां तैयार की गई हैं। इन झांकियों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेशों का भी खास ध्यान रखा गया है।
स्वदेशी मिल की झांकी में दुर्गा माता और महिषासुर वध के साथ भगवान शंकर और माता सती की कथा को दर्शाया गया है। वहीं कल्याण मिल की झांकी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और नारी शक्ति को थीम बनाया गया है। मालवा मिल ने बच्चों को ध्यान में रखते हुए ‘मछली जल की रानी है’, चंद्रमा-रोहिणी विवाह और भोलेनाथ की बारात जैसी झांकियां तैयार की हैं।
राजकुमार मिल की मधु-कैटभ वध की झांकी करीब 80 फीट लंबी ट्रॉली पर तैयार की गई है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नगर निगम की झांकियों में विकास कार्य, ऊर्जा, रोजगार और उच्च शिक्षा जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।
झांकियों के साथ शहर के अलग-अलग स्थानों पर अखाड़ों की प्रस्तुतियां भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं। कृष्णपुरा छत्री समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर महिला और बाल कलाकारों ने शस्त्र कला और पारंपरिक करतब प्रस्तुत किए। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग रुककर इन प्रस्तुतियों और झांकियों को देख रहे हैं।
इस तरह इंदौर की झांकी परंपरा में इस बार धर्म, संस्कृति, कला और सामाजिक संदेशों का संगम देखने को मिल रहा है।
इसके साथ साथ शहर में जिस उत्साह से बप्पा को लाए थे उसी उत्साह से उन्हें अगले वर्ष जल्दी आना कहकर विदाई दी गई
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| तस्वीर में सुखलिया चा सुखकर्ता |




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