जोन-22 में 5 परिसरों पर कुल ₹50 हजार का जुर्माना
इंदौर। जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा भू-जल स्तर में सुधार के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा भवनों एवं परिसरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार शहर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की स्थिति जांचने के लिए लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में आज जोन क्रमांक 22 के वार्ड क्रमांक 31 में जोनल अधिकारी आनंद रैदास ने बताया कि उपयंत्री एवं मुख्य स्वच्छता निरीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं पाए जाने पर 5 भवन स्वामियों/संस्थानों के विरुद्ध कुल ₹50,000 की चालानी कार्रवाई की गई।
इन परिसरों में हुई कार्रवाई
सी-3 हॉस्पिटल: परिसर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं पाए जाने पर मोहन के विरुद्ध ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया तथा मौके पर वसूली की गई।
26, पी.यू.-4, स्कीम नंबर 54: भवन स्वामी तेजसिंह चौधरी पर ₹10,000 का जुर्माना किया गया।
43, पी.यू.-4, स्कीम नंबर 54: रेन वॉटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था नहीं पाए जाने पर तरुण के विरुद्ध ₹5,000 की चालानी कार्रवाई की गई।
मेहता टी कंपनी, 10, पी.यू.-4, स्कीम नंबर 54: व्यावसायिक परिसर में हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं पाए जाने पर राजेश थारानी पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया।
अन्य परिसर: नियमों का पालन नहीं करने पर अनीता राठौर के विरुद्ध ₹5,000 की चालानी कार्रवाई की गई।
नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर ही संबंधित भवन स्वामियों एवं संस्थानों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी नागरिकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों तथा बहुमंजिला भवनों के स्वामियों से अपील की है कि वे अपने परिसरों में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शीघ्र स्थापित कराएं। निगम द्वारा आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान को और अधिक सघन किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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