टीवी नहीं सुधार पाया तो गोली मारी, अब आजीवन कारावास

इंदौर। टीवी नहीं सुधारने की मामूली सी बात पर एक व्यक्ति ने दूसरे की गोली मारकर हत्या कर दी। 4 साल प्रकरण कोर्ट में चलने के बाद अब आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

उपनिदेशक अभियोजन आशीष कुमार खरे ने बताया कि 28.10.2026 को माननीय न्‍यायालय, डॉ. प्रीती श्रीवास्‍तव प्रथम अपर सत्र न्‍यायधीश डॉ. अम्‍बेडकर नगर इन्‍दौर के द्वारा थाना महू के प्रकरण क्रमांक एसटी 117/2022 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी जयदीप सिंह परिहार पिता तिलक राज उम्र 48 वर्ष , निवासी लक्ष्‍मी विहार कॉलोनी महू इन्‍दौर को धारा 302 भारतीय दंड संहिता में आजीवन कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया । प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक महेन्‍द्र सिहं मुजाल्‍दे द्वारा किया गया। 

 उक्‍त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण को जघन्‍य एवं चिह्नित प्रकरण की सूची में रखा गया था, जिसकी प्रतिमाह समीक्षा उप निर्देशक अभियोजन द्वारा की गई एवं प्रकरण के प्रत्‍येक पहलू को बारिकी से न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत करवाया गया प्रकरण में अभियोजन की ओर से 13 साक्षियों की साक्ष्‍य करवायी गयी। अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्‍यायालय द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी।

अभियोजन मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी विकास अग्रवाल ने पुलिस थाना महू पर इस आशय की रिपोर्ट लेख करायी कि उसकी श्याम विलास चैराहे पर मोबाइल की दुकान है तथा उसके बड़े भाई निलेश अग्रवाल की गोकुलगंज महू में इलेक्ट्रानिक की दुकान है। 12-09-2022 को वह उसके भाई की दुकान पर गया था तो लगभग 03.45 बजे एक व्यक्ति ग्रे रंग की एक्टिवा लेकर दुकान पर आया और उसके भाई निलेश से कहने लगा कि उसने उसकी टी.व्ही. दो माह से रख रखी है अभी तक सुधार के नहीं दे रहे हो तो उसके भाई निलेश ने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं होने से दुकान बंद थी इस कारण वह टीव्ही- समय पर सुधार नहीं पाया, इतना कहने पर वह व्यक्ति कहने लगा कि उसका नाम जयदीप सिंह परिहार है, वह गवली पलासिया महू में रहता है, वह आर्मी से रिटायर्ड है। उसका काम नहीं करने की बात को लेकर वह व्यक्ति उसके भाई को मॉ बहिन की गालिया देने लगा। जब उसके भाई निलेश ने गाली देने से मना किया तो जयदीप परिहार उसकी रिवाल्वर निकालकर उसके भाई निलेश अग्रवाल को जान से मारने की नियत से उसके उपर फायर करने लगा, उसने लगातार चार से पॉच फायर किये, जिसमें से एक गोली उसके भाई निलेश अग्रवाल को बांयी आंख के पास लगी तथा दूसरी गोली सीने पर लगी और बाकी गोलियॉ इधर-उधर जमीन पर मारकर जयदीप सिंह परिहार मौके से भाग गया। घटना उसने व उसकी मॉ उषा अग्रवाल ने देखी थी। गोली मारते समय डर के कारण वह तथा उसकी मॉ इधर-उधर छुप गये थे, इसलिए भाई का बीच-बचाव नहीं कर पाये थे। उसने भाई नीलेश अग्रवाल को उपचार हेतु मेवाड़ा अस्पताल किशनगंज भर्ती कराया जहॉ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी। उक्‍त सूचना पर से अभियुक्‍त के विरूद्ध पुलिस थाना महू में अपराध क्रमांक 429/2022 धारा 302 भा.द.स. की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई घटना स्‍थल का मौका नक्‍शा, मृतक का पी.एम.- साक्षीगणो का कथन लेखबद्ध किये गये आरोपी को गिरफ्तार किया गया । सम्‍पूर्ण विवेचना उपरांत चालान न्‍यायालय के समक्ष पेश किया गया जिस पर से माननीय न्‍यायालय द्वारा अभियुक्‍त को दोषी पाते हुये उक्‍त दण्‍ड से दंण्डित किया गया ।

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