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| हड़ताल के कारण शहर में लगा कचरे का ढेर |
इंदौर। सुबह के 6 बजे थे। शहर की सड़कें अभी पूरी तरह जागी भी नहीं थीं, लेकिन इंदौर को साफ रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले सफाई मित्र अपने-अपने काम पर निकल चुके थे। इसी दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव पलासिया स्थित वाल्मीकि बस्ती पहुंचे। उन्होंने सफाई मित्रों से मुलाकात की, उनका हाल जाना और स्वच्छता के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
पिछले 3 दिनों से शहर में सफाईकर्मियों की हड़ताल चल रही थी। कल सफाईकर्मियों की यूनियन के बीच बातचीत होने के बाद आज सफाई व्यवस्था पटरी पर आ गई। स्वच्छताकर्मी सुबह से अपने अपने क्षेत्र में सफाई करने पहुंचे।
महापौर ने देखा कि सफाई मित्र रोज की तरह सुबह-सुबह अपने घरों से निकलकर कार्यस्थल की ओर जा रहे हैं। उन्होंने उनसे आत्मीयता से बातचीत की और उनके काम तथा दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। भार्गव ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता की पहचान केवल नगर निगम की व्यवस्था से नहीं, बल्कि सफाई मित्रों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से बनी है।
उन्होंने कहा कि जब शहर के अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे होते हैं, उससे पहले सफाई मित्र सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी संभाल लेते हैं। यही निरंतर मेहनत इंदौर को देशभर में स्वच्छता के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाती है। महापौर ने सफाई मित्रों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना काम करते रहें। पूरा इंदौर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम सफाई मित्रों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए लगातार काम करता रहेगा।महापौर ने इसके साथ ही शहर की विभिन्न वाल्मीकि बस्तियों का भी प्रातःकाल भ्रमण किया और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से संवाद किया।

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