आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में अब रात 8 बजे के बाद हवन, पूजन, यज्ञ और अनुष्ठान पर रोक लगा दी गई है।
आगर-मालवा/नलखेड़ा। आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे के बाद मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर परिसर और आसपास की यज्ञशालाओं में रात 8 बजे के बाद हवन, पूजन, यज्ञ और अन्य अनुष्ठान नहीं किए जा सकेंगे।
दरअसल, 19 सितंबर की रात मंदिर के पास बरसाती नाले में तेज बहाव के कारण एक कार बह गई थी। हादसे में ओडिशा के सात श्रद्धालुओं और कार चालक समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल थीं।
रात करीब साढ़े 11 बजे तक चला था हवन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए श्रद्धालुओं ने मंदिर के आसपास निजी यज्ञशाला में हवन कराया था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार वे रात करीब साढ़े 11 बजे हवन के बाद वहां से रवाना हुए थे। इसके बाद मंदिर के पास पुलिया से गुजरते समय तेज बहाव में उनकी कार बह गई।
हादसे के बाद मंदिर प्रबंधन ने रविवार से रात 8 बजे के बाद हवन पर रोक लगाने का निर्णय लिया। प्रशासन की ओर से भी समय-सीमा का पालन कराने और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की बात कही गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव
हादसे के बाद मंदिर के पास स्थित पुलिया पर रेलिंग लगाने और मंदिर क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के कदम भी उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी की जाएंगी।

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